बहुमत साबित नहीं कर पाए CM नारायणसामी,कांग्रेस के हाथ से निकला पुडुचेरी
पुडुचेरी
पुडुचेरी विधानसभा में कांग्रेस अपना बहुमत साबित नहीं कर पाई है. सोमवार को स्पीकर ने ऐलान किया कि सरकार के पास बहुमत नहीं है. इसके बाद मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने उपराज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया. गौरतलब है कि विधानसभा में कांग्रेस के पास उसके 9 विधायकों के अलावा 2 डीएमके और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन है.
विधानसभा में बहुमत साबित न कर पाने के कारण कांग्रेस नीत वी नारायणसामी सरकार गिर गई। पुडुचेरी की उपराज्यपाल के आदेश पर सोमवार को वी नारायणसामी को सदन में बहुमत साबित करना था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में केंद्र सरकार और पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी पर गंभीर आरोप लगाया। वोटिंग से पहले ही कांग्रेस और डीएमके के विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया, जिसके बाद स्पीकर ने ऐलान किया कि सरकार बहुमत साबित करने में विफल रही है।
सीएम ने अपने भाषण में कहा कि विधायकों को अपनी पार्टी के प्रति वफादार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस्तीफा देने वाले विधायक जनता का सामना नहीं कर पाएंगे। उन्हें लोग अवसरवादी कहेंगे। सीएम ने अपनी सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियां गिनाते हुए केंद्र सरकार और पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और पूर्व एलजी किरण बेदी ने हमे दबाने की कोशिश की लेकिन फिर भी हम लोगों के हित में काम करने में सक्षम बने रहे।
सीएम ने कहा कि सरकार बनाने के बाद हमने किसानों का सहकारी कृषि लोन माफ किया। छोटे किसानों के लिए पीएम मोदी 6 हजार रुपये दे रहे हैं जबकि हम 37 हजार 500 रुपये दे रहे हैं। सीएम ने कहा कि हमने डीएमके और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई। उसके बाद, हमने कई उपचुनावों का सामना किया। हमने सभी उपचुनाव जीते हैं। इससे यह स्पष्ट है कि पुडुचेरी के लोग हम पर भरोसा करते हैं। सीएम ने कहा कि तमिलनाडु में हम दो भाषाओं तमिल और अंग्रेजी को फॉलो करते हैं लेकिन बीजेपी जबरन हम पर हिंदी थोपना चाहती है।

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